Navratri
नवरात्र  अथवा नवरात्रिहिंदुओं का एक प्रमुख पर्व है। नवरात्र एक संस्कृत शब्द है, जिसका अर्थ होता है 'नौ रातों का समय'। इन नौ रातों और दस दिनों के दौरान, शक्ति/देवी की पूजा की जाती है। साल में चार बार नवरात्र आते हैं। माघ, चैत्र, आषाढ़ और आश्विन। यह चंद्र-आधारित हिंदू महीनों में चैत्रमाघआषाढ़ और आश्विन (क्वार) प्रतिपदा से नवमी तक मनाया जाता है। चैत्र मास में वासंतिक अथवा वासंतीय और दूसरा आश्विन मास में शारदीय नवरात्र। शारदीय नवरात्र का समापन दशहरा को दुर्गा प्रतिमा के विसर्जन के रूप में होता है। हिन्दू कैलेंडर के हिसाब से के सबसे पहले चैत्र मास में 9 दिन चैत्र नवरात्र के होते है।

 

प्रसिद्ध राम कथा वाचक पंडित जगत कुमार पांडे के अनुसार इस दिन भगवान हनुमान की पूजा की जाती है क्योंकि वे भगवान राम के सबसे बड़े भक्त हैं और उनकी पूजा करने से भगवान राम प्रसन्न होते हैं । यही कारण है कि लोग अपने घरों में हनुमान ध्वज फहराना पसंद करते हैं। इसके अलावा, ध्वज को विजय ध्वज भी माना जाता है।

यह त्यौहार भगवान विष्णु के सातवें अवतार भगवान राम के जन्म का प्रतीक है । चैत्र महीने के नौवें दिन राम नवमी मनाई जाती है। राम नवमी से पहले, हिंदू त्योहार से पहले नौ दिनों (नवरात्रि) तक उपवास रखते हैं। अयोध्या में लोग उत्साह के साथ राम नवमी मना रहे हैं।

नवरात्रि के नौ दिनों के दौरान, प्रत्येक दिन देवी दुर्गा के एक अलग रूप को समर्पित है: शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कुष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्री

नवरात्र और देवी पूजा का उल्लेख सिक्ख धर्म के ऐतिहासिक ग्रंथों में मिलता है, ख़ासकर गुरु गोबिंद सिंह द्वारा रचित दसम ग्रंथ में। इतिहासकारों के मुताबिक़ सिक्खों की देवी शक्ति और शस्त्रों के लिए इज़्ज़त और श्रद्धा शाक्त हिंदुओं की परंपराओं से काफ़ी मिलती जुलती है। सिक्ख धर्म के दूसरे गुरु, गुरु अंगद देवदेवी दुर्गा के एक परम भक्त थे।

जैन धर्म के पैरोकारों ने अक्सर हिंदुओं के साथ नवरात्र के सामाजिक और संस्कृतिक जश्न मनाए हैं, ख़ासकर गरबा जैसे लोक नाचों में।